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केतु के बारे में जरुरी जानकारी।

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 👉💥 केतु क्या हैं.? गृह हैं या ऊर्जा हैं.?  केतु गृह माना गया हैं लेकिन ये एक शाकिशाली ऊर्जा हैं जों हर समय सक्रिय रहती हैं यह एक ऐसी ऊर्जा हैं जो किसी भी जातक के ऊपर ऐसे करती हैं जिसमे उस जातक को एक लगाव कम होने लगता हैं उसको ऐसा लगता हैं जैसे कुछ छुट रहा हैं कुछ कमी हो rahi हैं उसके मन के भाव, उसके मन के अंदर से आने वाली आवाज़ ऐसा महसूस करवाती हैं। जैसे उसको अंदर से बोल रही हो, के इतना लगाव नहीं होना चाहिए छोड़ दो अब ये सब,तो व्यक्ति महसूस करता हैं। केतु उन लोगों को बनाता है जो भीड़ से अलग चलते हैं। दुनिया उन्हें देर से समझती है, लेकिन इतिहास उन्हें याद रखता है ।”केतु ऊर्जा से सम्बंधित लोग -  (ओशो) आचार्य रजनीश  स्वामी विवेकानंद,  रामकृष्ण परमहंस. एक्टर अमीर खां. पूर्व राष्ट्रपति एपीजे कलाम. विनोबा भावे. स्टीव जॉब्स. निखोले टेस्ला. अल्बर्ट आईस्नटीन गुरु गोपाल दास  महात्मा गाँधी  कोई भी ऐसा व्यक्ति जों वैराग्य को अपना लें, धार्मिक, पुरातन, रिसर्च, वैज्ञानिक, खोजी, ज्योतिषी, संत, साधु, महात्मा, रेंजर, जंगल यह सभी केतु की ही एनर्जी लिए हुए हैं। यदि निचे...

शनि गृह का असर इंसानों पर केसा रहता है

🪐 शनि ग्रह – भय नहीं, कर्म का न्यायाधीश शनि ग्रह का नाम सुनते ही मन में भय उत्पन्न हो जाता है। लोग इसे दुख, कष्ट और सज़ा देने वाला ग्रह मानते हैं। लेकिन वास्तव में शनि भय का नहीं, कर्मफल का ग्रह है। शनि एक ठंडा और धीमी गति से चलने वाला ग्रह है। इसका रंग गहरा नीला या श्याम माना जाता है। यह सूर्य की परिक्रमा लगभग 30 वर्षों में पूरी करता है। मानो यह अपनी धीमी चाल से हमें यह सिखा रहा हो कि जीवन में धैर्य और समय का महत्व कितना बड़ा है। शनि अंधकार का प्रतीक अवश्य है, पर वह अज्ञान का अंधकार नहीं — बल्कि आत्मचिंतन का अंधकार है। जब जीवन में कठिन समय आता है, तब मनुष्य भीतर झांकता है। शनि वही परिस्थिति बनाता है जहाँ व्यक्ति को अपने कर्म, अपनी गलतियों और अपने उत्तरदायित्व को समझना पड़ता है। ज्योतिष में शनि को न्यायाधीश कहा गया है। यह किसी से द्वेष नहीं रखता। यदि कर्म श्रेष्ठ हैं तो शनि उतना ही उच्च पद, सम्मान और स्थायित्व भी देता है। कई महान व्यक्तियों के जीवन में शनि की कृपा से ही संघर्ष के बाद असाधारण सफलता आई। शनि की चाल धीमी है क्योंकि यह हमें जल्दी फल नहीं देता। यह परीक्षा लेता है, पर स्थायी...

राहु (Amplifierके बारे में पूरी जानकारी

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 राहु कोई भौतिक ग्रह नहीं है। यह एक छाया बिंदु (Shadow Point) है, जिसे खगोलशास्त्र में लूनर नोड कहा जाता है। जब पृथ्वी के चारों ओर घूमता चंद्रमा, सूर्य की दिखाई देने वाली कक्षा (Ecliptic) को काटता है, तो जो उत्तरी कटाव बिंदु बनता है उसे Rahu कहा जाता है, और दक्षिणी को केतु। 🔭 वैज्ञानिक दृष्टि से राहु का कोई ठोस शरीर नहीं है। यह वह गणितीय बिंदु है जहाँ सूर्य–चंद्र–पृथ्वी एक सीध में आकर ग्रहण बनाते हैं। इसलिए राहु का संबंध सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण से जोड़ा जाता है। 🔮 ज्योतिषीय दृष्टि से ज्योतिष में राहु को तीव्र इच्छा, भौतिक लालसा, भ्रम, विदेशी तत्व, टेक्नोलॉजी, राजनीति, छल-कपट, अचानक उछाल का कारक माना गया है। यह वह “एनर्जी” है जो व्यक्ति को सीमा तोड़ने, परंपरा से हटने और असामान्य रास्ता चुनने के लिए प्रेरित करती है। 🧠 आम आदमी कैसे समझे? राहु को ऐसे समझें: यह आपकी अतृप्त भूख है। यह वह क्षेत्र है जहाँ आप जल्दी सफलता चाहते हैं। यह भ्रम भी दे सकता है, पर बड़ी छलांग भी दिला सकता है। संक्षेप में, राहु कोई ग्रह नहीं बल्कि एक शक्तिशाली खगोलीय बिंदु + मनोवैज्ञानिक ऊर्जा है, जो जीवन में ...